सेना के एक विशेष बल के कमांडर थे। उनकी 12 सदस्यीय टीम को दुश्मन के अड्डे को नष्ट करने का महत्वपूर्ण मिशन दिया गया था। लेकिन मिशन के दौरान ही उन पर घात लगाकर हमला कर दिया गया।
अकेलेपन ने उसे डरा दिया। उसे लगा, "मैं कैसे जीवित रहूँगा? यहाँ से निकलूँगा कैसे?" lone survivor in hindi
अस्पताल में आँख खुली तो सबने उसे "लोन सर्वाइवर" कहकर बुलाया। वह अकेला था जो उस नरसंहार से बच निकला था। जंगली जानवरों से लड़ता
एक-एक करके विक्रादित्य ने अपने साथियों को गिरते देखा। पहले रमन, फिर प्रीत, फिर करन... हर बार एक धमाका, एक गोली, एक चीख। रात के अंधेरे में वह अपने मृत साथियों के बीच घंटों छिपा रहा। लेकिन हार नहीं मानता।
यहाँ "लोन सर्वाइवर" (अकेला बचा हुआ) की भावना पर आधारित एक मौलिक हिंदी कहानी प्रस्तुत है: साल 2045 था। उत्तर भारत के घने जंगलों में एक भयानक गृह युद्ध छिड़ा हुआ था। दो ताकतवर गुटों के बीच संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को तबाह कर दिया था।
सात दिन और सात रात - वह छिपता, जंगली जानवरों से लड़ता, भूख-प्यास सहता, लेकिन हार नहीं मानता।