डोंग-सू पुलिस में जाना नहीं चाहता। वह खुद अपने तरीके से कातिल को ढूंढता है। दूसरी तरफ, पुलिस इंस्पेक्टर ताए-सू इसी कातिल की तलाश में है। जब दोनों को पता चलता है कि वे एक ही शिकार का पीछा कर रहे हैं, तो डोंग-सू एक अजीब सा प्रस्ताव रखता है: "मुझे पहले उसे पकड़ने दो। फिर मैं उसे तुम्हें सौंप दूंगा।"
4.5/5 (बेहद मजबूत एक्शन थ्रिलर)
ताए-सू मानता है – लेकिन शर्त यह है कि कातिल पहले उसके हाथ लगे। यह जंग शुरू होती है जहां दोनों एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते हैं, लेकिन असल में दोनों एक दूसरे के बिना कातिल को नहीं पकड़ सकते।
द गैंगस्टर, द कॉप, द डेविल (The Gangster, The Cop, The Devil) एक कस्टडी से ज़्यादा खतरनाक साझेदारी
फिल्म शुरू होती है एक खून से लथपथ रात में। डोंग-सू, अंडरवर्ल्ड का डॉन, अकेले गाड़ी चला रहा होता है। तभी एक अनजान शख्स (किम) पीछे बैठ जाता है और उस पर चाकुओं से हमला करता है। डोंग-सू बुरी तरह जख्मी होता है, लेकिन अपनी क्रूर ताकत से उस हमलावर को खदेड़ देता है। पुलिस उसे बचाती है, लेकिन गैंगस्टर के लिए यह बात शर्म की है कि उसे कोई "मामूली" आदमी मारने की कोशिश कर गया।
जब एक सीरियल किलर किसी गैंगस्टर पर हमला करता है, तो वह बाल-बाल बचता है। अब बदला लेने के लिए वह गैंगस्टर उसी कातिल का पीछा करने वाले एक ईमानदार (पर सख्त) पुलिस अफसर के साथ हाथ मिलाता है। यह साझेदारी कानून और अंडरवर्ल्ड की सीमाओं को तोड़ देती है।
जब शहर का सबसे बड़ा गैंगस्टर और एक जुनूनी पुलिस अफसर एक ही शैतान का शिकार करने लगते हैं, तो कानून और अपराध के बीच की रेखा मिट जाती है।