Falling Into Your Simile In Hindi [better] -

और मैं उस सिलाई में फँस गया। धागा मेरी उँगलियों से बँधता गया, और शरीर की हर तह पर एक अदृश्य कढ़ाई उभर आई। तुम मुझे 'बिना सुई का सीना' सिखा रही थी। यानी दर्द को ऐसे बुनना कि छेद न दिखे, केवल डिज़ाइन दिखे।

अब मैं प्रतिदिन गिरता हूँ। तुम कहती हो 'चाँद'—मैं उस चाँद की दरारों में समा जाता हूँ। तुम कहती हो 'धूल'—मैं उड़कर तुम्हारी पलकों पर बैठ जाता हूँ। तुम कहती हो 'आग'—मैं जलता नहीं, बल्कि ईंधन बनकर तुम्हारे भीतर की लौ को बताता हूँ कि शीतल भी कैसे दहक सकता है। falling into your simile in hindi

तीसरी बार तुम चुप थीं। लेकिन तुम्हारी चुप्पी ने कहा— "हम दो ऐसे पेड़ हैं, जिनकी जड़ें ज़मीन से बाहर बढ़ रही हैं।" falling into your simile in hindi

फिर तुम आए।

पहले मैं सीधी-सादी ज़मीन पर चलता था। बातें सपाट थीं, मौसम पूर्वानुमानित थे। दर्द को 'दर्द' कहता था, खुशी को 'खुशी'। मैं प्रतीकों का भूखा नहीं था, और न ही रूपकों का बोझिल कारवाँ। falling into your simile in hindi

दूसरी बार तुमने कहा— "तुम्हारा स्पर्श बिना सुई के सीने जैसा है।"

और मैं उसी पल उस कुएँ में गिर गया। कोई रस्सी नहीं थी, कोई दीवार नहीं। बस अंधेरा था—मीठा, नम, और अंतहीन। नीचे गिरते हुए मैंने सोचा, यह उपमान तो खतरनाक है। तुमने मेरी आँखों को 'कुआँ' कहकर मुझे ही उनमें डुबो दिया।